पुरुलिया से अभिषेक का बड़ा संदेश, 9 में 9 सीटें जीतने का लक्ष्य
पुरुलिया। तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को पुरुलिया जिले के हुड़ा में आयोजित रण संकल्प सभा से पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों के लिए स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि तृणमूल कांग्रेस का कोई भी स्थानीय पदाधिकारी जनता के साथ खराब व्यवहार करता है, तो लोग सीधे एक कॉल पर अभिषेक के जरिए उनसे संपर्क करें, लेकिन पार्टी से मुंह न मोड़ें।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पुरुलिया के लोगों से मेरी व्यक्तिगत अपील है—अगर तृणमूल का कोई स्थानीय नेता आपसे दुर्व्यवहार करता है, तो एक फोन पर मुझे बताइए। उसके लिए ममता बनर्जी और तृणमूल से नाता मत तोडि़ए। उन्होंने स्पष्ट किया कि तृणमूल कांग्रेस को दिया गया हर वोट मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विकास मॉडल पर विश्वास का प्रतीक है। अभिषेक ने याद दिलाया कि 2011, 2016 और 2021—तीन लगातार विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी के नेतृत्व में राज्य में सरकार बनी। अभिषेक बनर्जी ने पुरुलिया जिले के चुनावी इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि 2016 में जिले की 9 विधानसभा सीटों में से 7 पर तृणमूल ने जीत दर्ज की थी। हालांकि 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में पुरुलिया सीट भाजपा के खाते में गई। 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल को बांदोवान, मानवाजार और बाघमुंडी कुल 3 सीटों पर जीत मिली, जबकि शेष सीटों पर भाजपा विजयी रही। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में तृणमूल कांग्रेस का लक्ष्य पुरुलिया की 9 में से 9 सीटों पर जीत हासिल करना है। सभा को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने पुरुलिया की रेल समस्याओं को प्रमुख मुद्दा बताया। उन्होंने वादा किया कि चुनाव परिणाम घोषित होने के तीन महीने के भीतर वह पुरुलिया से 20 लोगों के प्रतिनिधिमंडल को लेकर संसद और रेल मंत्री से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा माने या न माने, पुरुलिया से हावड़ा जाने वाली ट्रेन को सांतड़ागाछी नहीं, हावड़ा स्टेशन तक ही जाना होगा। अगर ट्रेन का समय रात 10 बजे का है, तो वह 10 बजे तक पहुंचेगी। आधे घंटे की देरी चल सकती है, लेकिन 2 घंटे या 4 घंटे की देरी नहीं।
अभिषेक ने सवाल उठाया कि चक्रधरपुर रूट की ट्रेनें रोज देर से क्यों चलती हैं और पुरुलिया से हावड़ा जाने वाली ट्रेनें सांतड़ागाछी में क्यों रोक दी जाती हैं। उन्होंने भाजपा के छह विधायकों और सांसदों से पूछा कि उन्होंने इस मुद्दे पर क्या काम किया है। सभा में अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी में बड़ी संख्या में ऐसे नेता हैं, जो पहले माकपा, डीवाईएफआई या अन्य वाम संगठनों से जुड़े थे। उन्होंने इसे जर्सी बदलने की राजनीति करार दिया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पुरुलिया विधानसभा क्षेत्र के पूर्व माकपा नेता सुभिनय मुखर्जी, जो कभी एसएफआई से जुड़े थे, अब भाजपा के पुरुलिया नगर मंडल अध्यक्ष हैं। नारुगोपाल बाउरी, पूर्व डीवाईएफआई नेता, अब भाजपा के पुरुलिया-2 ब्लॉक नेता हैं। पार विधायक जयदेव मंडल पहले माकपा में थे, अब भाजपा में हैं। जयपुर के नरहरि महतो, जो फॉरवर्ड ब्लॉक से दो बार सांसद रह चुके हैं, अब भाजपा विधायक हैं। अभिषेक ने दावा किया कि आने वाले चुनाव में तृणमूल कांग्रेस पुरुलिया में अपनी खोई जमीन वापस हासिल करेगी और सीटों की संख्या बढ़ाकर मजबूत वापसी करेगी।